भिंड इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत इस बार नए- नए आइडिया देने पर जिले के 6 छात्र- छात्राओं का चयन किया गया है। एक छात्र ने जब एंबुलेंस जाम में फंसी हो तब पीड़ित को मिनी एयर बस से अस्पताल तक ले जाने और दूसरे ने एक ही लाइन पर दो गाड़ियों के आ जाने पर पांच किलो मीटर पहले ही पता लग जाने पर दुर्घटना रोकने के मॉडल का आइडिया दिया है। इसी प्रकार अन्य बच्चों के द्वारा नए आइडिया दिए गए हैं। चयनित बच्चों को भारत सरकार द्वारा मॉडल बनाने के लिए 10- 10 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है। अब इनके द्वारा मॉडल बनाए जाएंगे।
यहां बता दें जिले के 17 स्कूलों के 35 छात्र- छात्राओं ने इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन किया था। इनका चयन राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया गया है। नव प्रवर्तक निदेशालय नई दिल्ली द्वारा छह बच्चों के खाते में आइडिया पर मॉडल और प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए राशि उपलब्ध कराई गई है। इन बच्चों में सपना तोमर, प्रमोद माहौर, विक्रम यादव, संदेश कुशवाह, आनंद बघेल, किरन यादव शामिल हैं। इन बच्चों की कार्यशाला एक्सीलेंस हायर सेकंडरी स्कूल में डीईओ हरभवन सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। प्राचार्य पीएस चौहान एवं शिक्षक सत्यभान सिंह भदौरिया द्वारा मॉडल और प्रोटोटाइप तैयार करने के बारे में समझाया गया। इस मौके पर अशोक चौहान और अनुराग त्रिपाठी ने भी बच्चों को जानकारी दी। चयनित छात्रों के गाइड शिक्षकों में योगेंद्र नरवरिया, हितेंद्र शर्मा, लाखन सिंह यादव, जितेंद्र गोयल भी कार्यशाला में शामिल हुए।
इंस्पायर अवार्ड के लिए छह बच्चों ने दिया नया आइडिया